जन्म कुंडली, जन्म के समय आकाश में ग्रहों की स्थिति का एक स्थिर चित्र है। जन्म तिथि, सटीक समय और स्थान — इन तीन विवरणों से बारह भावों (Houses) में नौ ग्रहों (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु) की स्थिति तय की जाती है।
हर भाव जीवन के एक क्षेत्र को दर्शाता है — पहला भाव व्यक्तित्व, दूसरा धन, चौथा घर व मां, सातवां विवाह, दसवां करियर, इत्यादि। किसी ग्रह की भाव में स्थिति, अन्य ग्रहों से उसकी दृष्टि, और वह किस राशि में बैठा है — इन तीनों का संयुक्त विश्लेषण ही कुंडली पढ़ने की प्रक्रिया है।
सबसे ज़रूरी बात: जन्म समय जितना सटीक होगा, लग्न (Ascendant) उतना ही सही निकलेगा, और पूरी कुंडली की सटीकता लग्न पर ही टिकी होती है। इसीलिए किसी भी विश्लेषण से पहले जन्म प्रमाण-पत्र या अस्पताल के रिकॉर्ड से समय की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।