विवाह से पहले गुण मिलान क्यों देखा जाता है | Jyotish Utsav Sahni
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विवाह से पहले गुण मिलान क्यों देखा जाता है

गुण मिलान (अष्टकूट मिलान) में वर-वधू की चंद्र राशि व नक्षत्र के आधार पर आठ अलग-अलग कारकों — वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी — का मूल्यांकन कर कुल 36 में से अंक दिए जाते हैं।

यह पद्धति स्वभाव, मानसिकता, स्वास्थ्य व संतान-सुख जैसे पहलुओं पर परोक्ष रूप से प्रकाश डालती है। केवल अंकों की गिनती काफी नहीं — नाड़ी दोष व भकूट दोष जैसे कुछ मिलान विशेष ध्यान मांगते हैं, और कई बार अन्य ग्रह-योगों को देखकर ही सही निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

इसलिए गुण मिलान को अंतिम निर्णय बनाने के बजाय, दोनों कुंडलियों के समग्र विश्लेषण के एक हिस्से के रूप में देखना अधिक उचित है।

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